Showing posts with label 104 सूरह अल हुमज़ह. Show all posts
Showing posts with label 104 सूरह अल हुमज़ह. Show all posts

Friday, June 11, 2021

104 सूरह अल हुमज़ह

सूरह अल हुमज़ह मक्का में नाज़िल हुई और इसकी 9 आयतें हैं.
अल्लाह के नाम से शुरू, जो बड़ा मेहरबान निहायत रहम वाला है
1. हर उस शख़्स के लिए तबाही है, जो ताने देने वाला और ऐबजोई करने वाला है.
2. जिसने माल जमा किया और उसे गिन-गिन कर रखा.
3. उसे यह गुमान है कि उसका माल उसे हमेशा ज़िन्दा रखेगा. 
4. हरगिज़ नहीं, वह यक़ीनन हुतमा में डाला जाएगा. 
5. और तुम नहीं जानते कि हुतमा क्या है? 
6. वह अल्लाह की भड़काई हुई आग है. 
7. जो दिलों तक चढ़ जाएगी.
8. बेशक वह आग उन पर हर तरफ़ से बंद कर दी जाएगी. 
9. वे लोग आग से घिरे लम्बे-लम्बे सुतूनों में घिरे होंगे.