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Wednesday, June 30, 2021

85 सूरह अल बुरुज

सूरह अल बुरुज मक्का में नाज़िल हुई और इसकी 22 आयतें हैं.
अल्लाह के नाम से शुरू, जो बड़ा मेहरबान निहायत रहम वाला है
1. क़सम है बुर्जों वाले आसमान की.
2. और क़सम है उस दिन की, जिसका वादा किया गया है.
3. और क़सम है हाज़िर होने वाले की और क़सम है उसकी, जो कुछ हाज़िर किया जाएगा.
4. ख़ंदक़ खोदने वाले हलाक कर दिए गए.
5. यानी आग की ख़दक़, जिसमें ईंधन झोंका गया था.
6. जब वे लोग उसके किनारे बैठे हुए थे.
7. और वे ख़ुद उसके गवाह थे, जो कुछ वे मोमिनों के साथ कर रहे थे यानी उन्हें आग में डाल रहे थे.
8. और उन्हें मोमिनों का अल्लाह पर ईमान लाना नागवार गुज़रा, जो बड़ा ग़ालिब और सज़ावारे हम्दो सना है यानी तमाम तारीफ़ें अल्लाह ही के लिए हैं.
9. जो आसमानों और ज़मीन का बादशाह है. और अल्लाह हर चीज़ का गवाह है.
10. बेशक जिन लोगों ने मोमिन मर्दों और मोमिन औरतों को अज़ीयतें दीं. फिर तौबा भी नहीं की, तो उनके लिए जहन्नुम का अज़ाब है और उनके लिए आग में जलने का अज़ाब है.
11. बेशक जो लोग ईमान लाए और नेक अमल करते रहे, उनके लिए जन्नत के सदाबहार बाग़ हैं, जिनके नीचे नहरें बहती हैं. यह बहुत बड़ी कामयाबी है.
12. बेशक तुम्हारे परवरदिगार की गिरफ़्त बहुत सख़्त है.
13. बेशक अल्लाह ही पहली बार पैदा करता है और वही दोबारा ज़िन्दा करेगा.
14. और अल्लाह बड़ा बख़्शने वाला और बहुत मुहब्बत करने वाला है. 
15. अर्श का मालिक बड़ा आलीशान है.
16. वह जो चाहता है, कर देता है.
17. क्या तुम्हें लश्करों की ख़बर मिली?
18. फ़िरऔन और समूद के लश्करों की ख़बर?
19. लेकिन कुफ़्र करने वाले लोग तो झुठलाने में लगे हुए हैं.
20. और अल्लाह उन्हें हर तरफ़ से घेरे हुए है.
21. बल्कि यह क़ुरआन बड़ी अज़मत वाला है, 
22. जो लौहे महफ़ूज़ में लिखा हुआ है.