Showing posts with label 100 सूरह अल आदियात. Show all posts
Showing posts with label 100 सूरह अल आदियात. Show all posts

Tuesday, June 15, 2021

100 सूरह अल आदियात

सूरह अल आदियात मक्का में नाज़िल हुई और इसकी 11 आयतें हैं.
अल्लाह के नाम से शुरू, जो बड़ा मेहरबान निहायत रहम वाला है
1. क़सम है तेज़ दौड़ने वाले घोड़ों की, जो हांफ़ते हैं.
2. फिर जिनकी टापों से चिंगारियां निकलती हैं. 
3. फिर जो सुबह होते ही दुश्मनों पर हमला करते हैं.
4. फिर गर्द ग़ुबार उड़ाते हैं
5. फिर वे दुश्मनों की जमात में घुस जाते हैं.
6. और बेशक वह अपनी नाशुक्री का ख़ुद गवाह है.
7. और बेशक वह इस नाशुक्री का ख़ुद गवाह है. 
8. और बेशक वह माल व दौलत से शदीद मुहब्बत करने वाला है.
9. क्या वह नहीं जानता कि जब लोग क़ब्रों में से उठाए जाएंगे
10. और दिलों के पोशीदा राज़ ज़ाहिर कर दिए जाएंगे.
11. बेशक उनका परवरदिगार उस दिन उनके आमाल से ख़ूब बाख़बर होगा.